विहग-विहग फिर चहक उठे ये पुंज-पुंज कल- कूजित कर उर का निकुंज चिर सुभग-सुभग।

By exam_gyan at 14 days ago • 0 collector • 3 pageviews

उपमा

यमक

पुनरुक्ति प्रकाश

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