ध्वनि-मयी करके गिरि-कंदरा। कलित-कानन केलि-निकुंज को।।

By exam_gyan at 14 days ago • 0 collector • 7 pageviews

अतिशयोक्ति

लाटानुप्रास

छेकानुप्रास

वृत्यानुप्रास

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