बसै बुराई जासु तन, ताही को सन्मान। भलो भलो कहि छोड़िए, खोटे ग्रह जप दान।।

By exam_gyan at 17 days ago • 0 collector • 4 pageviews

अनुप्रास

उपमा

दृष्टान्त

भ्रान्तिमान

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