गर्व करउ रघुनन्दन जिन मन माँहा। देखउ आपन मूरति सिय के छाँह।।

By exam_gyan at 17 days ago • 0 collector • 4 pageviews

रुपक

प्रतीप

व्यतिरेक

उल्लेख

Requires Login

Log in
Information Bar
Loading...