लेवत मुख में घास मृग मोर तजत नृत जात। आँसू गिरियत जर लता, पीरे-पीरे पात।।

By exam_gyan at 17 days ago • 0 collector • 5 pageviews

रुपक

उल्लेख

अतिशयोक्ति

विरोधाभास

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