हनुमान की पूँछ में लगन न पाई आग। लंका सिगरी जल गई, गए निसाचर भाग।।

By exam_gyan at 17 days ago • 0 collector • 9 pageviews

रुपक

उत्प्रेक्षा

यमक

अतिशयोक्ति

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