नहिं पराग नहिं मधुर, मधु, नहिं विकास इहि काल। अली कली ही सों बंध्यो, आगे कौन हवाल।।

By exam_gyan at 17 days ago • 0 collector • 4 pageviews

अन्योक्ति

अतिशयोक्ति

उपमा

उत्प्रेक्षा

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