माया महाठगिनी हम जानी। तिरगुन फाँस लिए कर डोलै, बोलै मधुरी बानी।।

By exam_gyan at 17 days ago • 0 collector • 6 pageviews

रुपक

श्लेष

उपमा

प्रतीप

Requires Login

Log in
Information Bar
Loading...