पत्रा ही तिथि पाइयत, वा घर के चहुँ पास। नित प्रति पूनौ ही रहै, आनन ओप उजास ॥

By exam_gyan at 18 days ago • 0 collector • 6 pageviews


श्लेष

रूपक

अतिश्योक्ति

यमक

Requires Login

Log in
Information Bar
Loading...